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Bharat Prem Nath Story : पत्रकारिता, सेवा और संगठन निर्माण का एक समर्पित युग

नई दिल्ली | जन्मदिवस विशेष

स्वर्गीय श्री भारत प्रेम नाथ (7 जनवरी 1958 – 22 जून 2021) भारतीय समाजसेवा, मीडिया और संगठनात्मक नेतृत्व के क्षेत्र में एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपने जीवन को केवल पेशे तक सीमित न रखकर उसे समाज के लिए एक सतत उद्देश्य में बदल दिया। वे एक वरिष्ठ पत्रकार, निर्माता-एंकर और दूरदर्शी समाजसेवी थे, जिन्होंने सेवा को भावनात्मक पहल नहीं, बल्कि एक संगठित राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप दिया। वे उन्नत भारत संगठन के संस्थापक और उन्नत भारत सेवाश्री अवार्ड्स के प्रणेता रहे।

श्री भारत प्रेम नाथ का जन्म 7 जनवरी 1958 को मथुरा, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनका प्रारंभिक जीवन कलानौर (रोहतक जिला), हरियाणा में बीता, जहाँ सादगी, अनुशासन और सामाजिक संवेदना उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बनी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे समाज, संस्कृति, जनचिंतन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते थे, जो आगे चलकर उनके जीवन-कार्य की दिशा बनी।

अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने पत्रकारिता को चुना और शीघ्र ही एक प्रभावशाली निर्माता-एंकर के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने साधना टीवी, A2Z News सहित कई प्रमुख चैनलों के लिए कार्यक्रमों का निर्माण और प्रस्तुति की। उनके कार्यक्रम सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विषयों पर केंद्रित रहते थे, जिनका उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना था। मीडिया के क्षेत्र में उनके अनुभव और दृष्टि ने उन्हें इंटरनेशनल टीवी की स्थापना की ओर प्रेरित किया—एक ऐसा संगठन जिसने अनेक टेलीविजन कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक मंचों का सफलतापूर्वक निर्माण और आयोजन किया।

1990 के दशक की शुरुआत में ही श्री भारत प्रेम नाथ ने यह समझ लिया था कि आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण शिक्षा और युवाओं के आत्मनिर्भर भविष्य जैसे विषय राष्ट्रीय प्राथमिकताएँ बनेंगे। उस दौर में, जब ये मुद्दे व्यापक चर्चा में नहीं थे, उन्होंने संगठित प्रयासों की आवश्यकता को पहचाना और समाजसेवा को अपने जीवन का केंद्रीय उद्देश्य बनाया।

इसी सोच से उन्नत भारत संगठन का जन्म हुआ। इस संगठन का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, युवा विकास और आध्यात्मिक सेवा जैसे क्षेत्रों में निरंतर और प्रभावी कार्य करना रहा। श्री भारत प्रेम नाथ का मानना था कि समाज का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है, जब सेवा योजनाबद्ध, दीर्घकालिक और जनभागीदारी आधारित हो।

उनका एक ऐतिहासिक योगदान रहा सेवाश्री अवार्ड्स की शुरुआत। वर्ष 1995 में यह पहल नागरिक सम्मान समारोह के रूप में आरंभ हुई। समय के साथ इसका दायरा बढ़ा और यह एक राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सम्मान में परिवर्तित हो गया। बाद में इसी राष्ट्रीय समिति से उन्नत भारत संगठन और उन्नत भारत सेवाश्री अवार्ड्स की औपचारिक पहचान स्थापित हुई। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना था, जो बिना किसी स्वार्थ या प्रचार के समाज की सेवा कर रहे हैं। श्री भारत प्रेम नाथ का दृढ़ विश्वास था कि जब तक सेवा को सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक निःस्वार्थ भाव समाज में गहराई से स्थापित नहीं होगा।

उनकी सेवा-यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय 2000 के दशक की शुरुआत में जुड़ा, जब उनके कार्यों ने देश के प्रतिष्ठित पत्रकार और पंजाब केसरी समूह के प्रधान संपादक, पद्मश्री विजय कुमार चोपड़ा का ध्यान आकर्षित किया। पद्मश्री चोपड़ा ने श्री भारत प्रेम नाथ के व्यक्तित्व में निःस्वार्थ सेवा भाव, संगठन क्षमता और समाज के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को पहचाना। इसी साझा दृष्टि के आधार पर दोनों के बीच सहयोग की शुरुआत हुई। इस सहयोग से उन्नत भारत संगठन के कार्यों का विस्तार हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक हुआ। पद्मश्री विजय कुमार चोपड़ा तब से संगठन के संरक्षक (Patron) हैं और निरंतर मार्गदर्शन व नैतिक संबल प्रदान करते आ रहे हैं। यह जुड़ाव संगठन के इतिहास में एक निर्णायक और प्रेरक अध्याय माना जाता है।

श्री भारत प्रेम नाथ का जीवन-दर्शन युवाओं पर केंद्रित था। उनका स्पष्ट विश्वास था—
“देश को सशक्त बनाना है, तो युवाओं को प्रयोग करने, नवाचार करने और स्वरोज़गार के माध्यम से सृजन करने के लिए सशक्त बनाना होगा।”
उनकी नेतृत्व शैली कठोर, अनुशासित और मार्गदर्शक रही। वे कार्य में शिथिलता स्वीकार नहीं करते थे, लेकिन मार्गदर्शन स्पष्ट और उद्देश्यपूर्ण होता था। वे मानते थे कि नेतृत्व का अर्थ आदेश देना नहीं, बल्कि स्वयं अनुशासन और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत करना है।

22 जून 2021 को 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। यह समाजसेवा और मीडिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति थी। हालांकि, उनका मिशन उनके साथ समाप्त नहीं हुआ। उनके विचार और संस्थाएँ आज भी सक्रिय हैं। उनके पश्चात संगठन की जिम्मेदारी उनकी धर्मपत्नी डॉ. सुषमा नाथ ने संभालीं, जो वर्ष 2014 से महिला प्रकोष्ठ की नेतृत्वकर्ता रही हैं और वर्तमान में उन्नत भारत संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा माता मंतरी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की प्रमुख हैं। उनके नेतृत्व में सेवा कार्यों को नई दिशा और विस्तार मिला।

उनकी पुत्री अधिवक्ता सुचेता संगठन की लीगल विंग की प्रवक्ता के रूप में सामाजिक न्याय और कानूनी जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनके पुत्र अखिल नाथ युवा अध्यक्ष के रूप में युवाओं को सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में उन्नत भारत सेवाश्री अवार्ड्स 2022, 2023, 2024 और 2025 का सफल आयोजन हुआ, जिसने संगठन की निरंतरता और प्रभाव को और सुदृढ़ किया।

स्वर्गीय श्री भारत प्रेम नाथ का जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब पत्रकारिता, विचार और सेवा एक साथ चलते हैं, तो समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है। वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे—सेवा को सम्मान देने वाली, युवाओं को सशक्त बनाने वाली और समाज को संगठित करने वाली। उनकी जयंती पर उन्हें स्मरण करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उस संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर है, जिसे उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।

उन्नत केसरी परिवार की ओर से स्वर्गीय श्री भारत प्रेम नाथ को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।

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