अफगानिस्तान में पिछले 24 घंटों में लगातार सात भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिनकी तीव्रता 4.5 से 5.6 के बीच रही। यदि झटकों की तीव्रता और बढ़ती है तो इसका असर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड तक महसूस हो सकता है, क्योंकि हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला उत्तरी भारत के बेहद…
अफगानिस्तान में भूकंप का सिलसिला लगातार जारी है। 31 अगस्त को आए विनाशकारी 6.0 तीव्रता वाले भूकंप के बाद से आफ्टरशॉक्स थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताज़ा जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सात भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे तेज़ झटका 5.6 तीव्रता का रहा, जबकि अन्य झटके 4.5 से 5.2 के बीच मापे गए। ये सभी भूकंप हिंदूकुश क्षेत्र के कुनार और नंगरहार प्रांतों में आए, जहां भूगर्भीय गतिविधि अत्यधिक सक्रिय बनी हुई है।
लगातार झटकों के कारण स्थानीय हालात और बिगड़ गए हैं। हज़ारों लोग अस्थायी शिविरों और खुले स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। राहत और बचाव कार्य बाधित हो रहे हैं क्योंकि कई इलाकों में सड़कें और रास्ते भूस्खलन के कारण बंद हो चुके हैं।
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उत्तर भारत तक संभावित असर
हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से लगी है और यह भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय क्षेत्र है। उत्तर भारत के राज्य—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड—इस भूकंपीय पट्टी के निकट आते हैं। यदि झटकों की तीव्रता और बढ़ती है तो यह संभव है कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी इसका असर महसूस किया जाए। इससे पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में कमजोर इमारतों को नुकसान होने की संभावना बनी रहती है।
निगरानी और सतर्कता
भूकंप निगरानी एजेंसियाँ स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं। अभी तक भारत में झटकों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस भूकंपीय श्रृंखला ने क्षेत्र की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है।
