यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का समर्थन किया है। उनका कहना है कि रूस से तेल और गैस खरीदना सीधे-सीधे पुतिन की युद्ध मशीन को मज़बूत करता है और इसे रोकने के लिए कड़े आर्थिक कदम ज़रूरी हैं।
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अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने साफ़ शब्दों में कहा है कि रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाना बिल्कुल उचित है। एक अमेरिकी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “एनर्जी पुतिन का हथियार है। इस हथियार को छीनने का केवल एक ही तरीका है—कि कोई भी देश रूस से तेल और गैस न खरीदे। टैरिफ लगाना सही विचार है।”
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ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि न सिर्फ भारत, बल्कि कई यूरोपीय देश भी अब तक रूसी ऊर्जा पर निर्भर हैं, जो युद्ध के दौर में नैतिक रूप से गलत है। उनके मुताबिक, जब तक रूस से ऊर्जा की आय बंद नहीं होगी, तब तक पुतिन को कमजोर करना मुश्किल है। “हम सबको मिलकर पुतिन पर अतिरिक्त दबाव डालना होगा। कुछ देश अब भी रूसी गैस और तेल खरीद रहे हैं, यह ठीक नहीं है। हमें रूस से किसी भी तरह की ऊर्जा खरीद पूरी तरह बंद करनी होगी।”
उन्होंने यह भी अफ़सोस जताया कि हाल ही में अमेरिका में पुतिन से बातचीत के दौरान यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया। ज़ेलेंस्की ने कहा, “यह दुखद है कि बातचीत में यूक्रेन मौजूद नहीं था। अगर पुतिन को बात करनी है तो वे कीव आ सकते हैं। मैं मॉस्को नहीं जा सकता जब मेरी धरती पर मिसाइलें बरस रही हों।”
ज़ेलेंस्की के इन बयानों से साफ़ है कि वे अमेरिका की टैरिफ नीति को रूस पर दबाव बनाने का अहम साधन मानते हैं और उम्मीद करते हैं कि भारत जैसे देश भी इस संदेश को गंभीरता से लेंगे।
