योग, साधना, हवन, गुरु वंदना एवं भंडारे के साथ दो दिवसीय धार्मिक आयोजन संपन्न
रोहतक के गोहाना रोड स्थित दिव्य योग मंदिर में 76वाँ वार्षिकोत्सव एवं ब्रह्मलीन योगाचार्य अशोक जी महाराज का पंचम निर्वाण दिवस श्रद्धा, भक्ति और योग साधना के वातावरण में धूमधाम से संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु परंपरा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री दयाल योग प्रचार समिति (रजि.) के मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह के प्रथम दिन हनुमान चालीसा पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। दूसरे दिन प्रातः हवन-यज्ञ, योग साधना, गुरु वंदना, धार्मिक अनुष्ठान तथा विशाल भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के आयोजन में योगाचार्य नित्यानंद जी एवं योगाचार्य कार्तिकेय जी की प्रमुख भूमिका रही। समस्त कार्यक्रम गुरु गद्दी नशीन प्रधान योगाचार्य स्वामी अमित देव जी महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजन में श्री योग अभ्यास आश्रम ट्रस्ट की राष्ट्रीय समिति के पदाधिकारियों राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश चंद गोयल, राष्ट्रीय महासचिव राजीव खोसला जॉली, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनोज कपूर एवं राष्ट्रीय मीडिया सचिव अखिल नाथ की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही।
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इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी अमित देव जी महाराज ने कहा कि आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। यदि मनुष्य नियमित रूप से योग, प्राणायाम और साधना को अपने जीवन का हिस्सा बनाए तो वह तनाव से मुक्ति पाने के साथ स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन योग योगेश्वर महाप्रभु रामलाल जी भगवान, योग योगेश्वर मुलखराज जी भगवान, योग योगेश्वर देवी दयाल जी महाराज, स्वामी सुरेंद्र देव जी महाराज एवं ब्रह्मलीन योगाचार्य अशोक जी महाराज की अखंड गुरु परंपरा को समर्पित है।
स्वामी अमित देव जी महाराज ने कहा कि वर्ष 1888 से चली आ रही इस योग परंपरा ने योग, साधना और लोककल्याण के माध्यम से समाज को निरंतर दिशा प्रदान की है। योग योगेश्वर मुलखराज जी भगवान के मार्गदर्शन में स्थापित इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए योग योगेश्वर देवी दयाल जी महाराज ने वर्ष 1951 में गोहाना रोड, रोहतक में दिव्य योग मंदिर की स्थापना की। वर्ष 1951 से 1998 तक उनके मार्गदर्शन में देश के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 75 योग मंदिरों की स्थापना हुई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 से 2016 तक स्वामी सुरेंद्र देव जी महाराज ने योग मंदिर की परंपरा का मार्गदर्शन करते हुए अनेक लोककल्याणकारी कार्य किए। वर्तमान में प्रधान योगाचार्य स्वामी अमित देव जी महाराज के मार्गदर्शन में गुरु परंपरा, योग साधना एवं लोककल्याण के कार्य निरंतर आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दशकों से इन योग मंदिरों के माध्यम से लाखों लोगों को योग, प्राणायाम एवं स्वस्थ जीवन-पद्धति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। दिव्य योग मंदिर का वार्षिकोत्सव इसी आध्यात्मिक, सामाजिक एवं लोककल्याणकारी सेवा परंपरा का महत्वपूर्ण अवसर है।
योग को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान
कार्यक्रम में गुरुजनों का आशीर्वाद लेने पहुंचे पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा योग के लिए अवश्य निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में मोबाइल और इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग बच्चों एवं युवाओं के स्वास्थ्य और दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने युवाओं से तकनीक के संतुलित उपयोग के साथ योग एवं शारीरिक गतिविधियों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
संत समाज एवं गणमान्य लोगों ने लिया आशीर्वाद
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जादूगर सम्राट शंकर, नगर निगम के पूर्व महापौर मनमोहन गोयल, गोकर्ण तीर्थ के महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी जी महाराज, बाबा बालक पुरी धाम सर्कुलर रोड के महामंडलेश्वर करण पुरी जी महाराज, श्री राम कुटिया से राघव जी महाराज, निरंजनी अखाड़ा से राघवेंद्र भारती जी, श्री सती भाई साइ दास, कलानौर से महंत रघुनाथ जी, कलानौर गुरुद्वारा जोध सचियार जी से गुरप्रीत सिंह जोधका जी, माता मंदिर से महंत राजेंद्र पाल जी, भिवानी के स्वर्ग आश्रम से स्वामी युगल किशोर जी, किला रोड ठाकुर मंदिर से ठाकुर बसंत दास जी महाराज, किला रोड दुख निवारण संस्था के महंत, सोनीपत के बहालगढ़ चौक स्थित हनुमान मंदिर के महामंडलेश्वर सीताराम जी महाराज, शीला बाइपास स्थित ब्रह्मकुमारी आश्रम से रक्षा दीदी एवं वंदना दीदी, सेक्टर-3 तथा संकट मोचन हनुमान मंदिर से साध्वी मणेश्वरी देवी सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त हांसी के योगाचार्य संतोष जी, योगाचार्य चरणजीत जी, चंडीगढ़ के योगाचार्य भूपेंद्र नेगी जी, योगाचार्य विनोद गोयल जी एवं योगाचार्य सुभाष सिंघला जी सहित विभिन्न स्थानों से आए योगाचार्यों एवं संत समाज से जुड़े लोगों ने समारोह में सहभागिता की और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए योग, साधना एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
